| सरस्वती वंदना |
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हे शारदे माँ हे शारदे माँ
अज्ञानता से हमे तार दे माँ, १-तू स्वर की देवी है संगीत तुझसे हर शब्द तेरा है हर गीत तुझसे हम हैं अकेले हम हैं अधूरे तेरी शरण हम हमे प्यार दे माँ ,,,,,,,,, हे शारदे माँ हे शारदे माँ २-ऋषियों ने समझी है मुनियों ने जानी वेदों की भाषा पुरानो की वाणी हम भी तो समझे हम भी तो जाने वीद्या का हमको अधिकार दे माँ ,,,,,,,,,,,,, हे शारदे माँ हे शारदे माँ तू श्वेत वरनी है कमल पे वीराजे हाथों में वीना मुकुट सर पे साजे मन से हमारे मीता दो अंधेरे हमको उजालों का संसार दे माँ ,,,,,,,, हे शारदे माँ हे शारदे माँ |
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| Written by aparna |
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